कोरोना वायरस: चीनी पत्रकार को ड्रैगन की पोल खोलना पड़ा भारी, मिली चार साल की जेल की सजा

37 वर्षीय झांग को मई में वुहान से गिरफ्तार किया गया था।

कोरोना वायरस महामारी को लेकर चीन का दामन साफ नहीं है, इसके सबूत समय-समय पर दुनिया के सामने आते रहे हैं। अब फिर से ड्रैगन का झूठ दुनिया के सामने है। इस बार चीन ने सिटिजन जर्नलिस्ट झांग झान को चार साल जेल की सजा सुनाई गई है, जिसने कोरोना वायरस पर कई खुलासे किए थे। चीन ने झांग पर 'झगड़ा करने' और 'समस्‍याओं को उकसाने' जैसे आरोपों का दोषी पाया है। आपको बता दें कि 37 वर्षीय झांग को मई में वुहान से गिरफ्तार किया गया था।

गलत जानकारी के प्रसार का आरोप

गिरफ्तारी से पहले झांग लापता हुई थी। बाद में पता चला कि उनको हिरासत में लिया गया है। झांग ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ काफी लंबे समय तक भूख हड़ताल भी किया था, जिसके बाद से झांग का स्‍वास्‍थ्‍य भी खराब है। झांग पर पिछले महीने नवंबर में औपचारिक तौर पर गलत जानकारी के प्रसार का आरोप लगाया था। इसके बाद सोमवार को सजा सुनाई गई।

शंघाई में सुनाई गई सजा

पत्रकार के वकील ने बताया कि सोमवार की दोपहर शंघाई में संक्षिप्त सुनवाई की गई। इस दौरान झांग को 4 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। आपको बता दें कि झांग ने फरवरी में उस वक्त काफी सुर्खियां बंटोरी थी, जब उन्होंने वुहान से कोरोना वायरस पर कई लाइव रिपोर्ट और विवरण जारी किए थे। ये सब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे। लेकिन, चीनी अधिकारियों की नजर में आने के बाद झांग की मुश्किलें बढ़ गईं। 

झांग ने खोली थी चीन सरकार की पोल
 
कोरोना पर दुनिया से झूठ बोलने और असल आंकड़ें छिपाने वाले चीन से ये बात बिल्कुल हजम नहीं हुई और झांग को मई में गिरफ्तार कर लिया गया। झांग पर टेक्‍स्‍ट, वीडियो और अन्‍य मीडिया प्‍लेटफार्म के जरिए झूठी सूचनाएं फैलाने का आरोप लगाया गया है। आपको बता दें कि झांग ने कोरोना महामारी पर चीन सरकार की प्रतिक्रिया की आलोचना की थी। उनके मुताबिक, चीन ने दुनिया के सामने कोरोना के बारे में सही समय पर और उचित जानकारी नहीं दी है। यही नहीं, उन्होंने कोरोना वायरस के लैब में बनाए जाने का भी दावा किया था।
 

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