Airtel और Jio की 5G रेस में कौन बना भारत का पहला टेलीकॉम ऑपरेटर, जानिए

भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनी Bharti Airtel पिछले कई सालों से मुकेश अंबानी की Jio के साथ हमेशा कॉम्पिटेटिव रेस में रही है. लेकिन 5G की रेस में एयरटेल ने जीत हासिल कर ली है. एयरटेल ने घोषणा की कि उसने 5G या 5th जनरेशन सर्विस को लॉन्च करने की क्षमता स्थापित करने के लिए हैदराबाद में ऑन-फील्ड डेमोंस्ट्रेशन किया है.

भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनी Bharti Airtel पिछले कई सालों से मुकेश अंबानी की Jio के साथ हमेशा कॉम्पिटेटिव रेस में रही है. लेकिन 5G की रेस में एयरटेल ने जीत हासिल कर ली है. जी हां, भारती एयरटेल लिमिटेड भारत की 5G वायरलेस सेवाओं को रोल करने वाली पहली टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर बन गई है जबकि रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड जो इस साल के अंत में सेवा शुरू करने की योजना बना रही है अभी तक ट्रायल्स पूरा नहीं कर पाई है.

5G सेवाओं में क्या होगा अलग 
गुरुवार को एयरटेल ने घोषणा की कि उसने 5G या 5th जनरेशन सर्विस को लॉन्च करने की क्षमता स्थापित करने के लिए हैदराबाद में ऑन-फील्ड डेमोंस्ट्रेशन किया है. 5G वायरलेस सेवा तेज गति वाली इंटरनेट स्पीड और पावर इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) ऍप्लिकेशन्स जैसे ड्राइवरलेस कारों और स्मार्ट शहरों के लिए रास्ता दिखाएगा.

ख़ास बात यह है कि एयरटेल ने हैदराबाद में अपने नेटवर्क पर एक साथ 5G और 4G दोनों को ऑपरेट करने के लिए 1,800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड में NSA (Non Stand Alone) नेटवर्क टेक्नोलॉजी का उपयोग किया. एक्सपर्ट्स के अनुसार, इक्विपमेंट और टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करके 5G सेवा के लिए किसी भी बैंड का उपयोग किया जा सकता है. हालांकि, टेलकोस को ग्राहकों को बेस्ट हाई स्पीड प्रदान करने के लिए 3,300-3,600 मेगाहर्ट्ज की सीमा में बैंड का उपयोग करना होगा.

एयरटेल के चीफ एग्जीक्यूटिव गोपाल विट्टल ने बताया कि हम हैदराबाद में एक कमर्शियल नेटवर्क पर लाइव 5G सेवा का सफलतापूर्वक डेमोंस्ट्रेशन करने वाले पहली टेलीकॉम सर्विस है. यह डेमोंस्ट्रेशन एयरटेल के नेटवर्क की 5G सर्विस को सभी डोमेन जैसे रेडियो, कोर और ट्रांसपोर्ट के लिए तैयार है. कंपनी ने दावा किया कि एयरटेल की 5G टेक्नोलॉजी मौजूदा टेक्नोलॉजी की तुलना में 10 गुना बेहतर है. इसके साथ ही 5G सेवा का उपयोग करके कुछ सेकंड में यूजर्स एक पूरी फिल्म डाउनलोड कर सकते है. 

कंपनी ने कहा कि उसने इसमें ऐसा पहला डायनैमिक स्पेक्ट्रम शेयरिंग का इस्तेमाल किया. 5G का एक्सपीरियंस यूजर्स के लिए तभी शुरू होगा जब पर्याप्त स्पेक्ट्रम मिल जाएगा और सरकार की भी मंजूरी मिल जाएगी. चीफ एग्जीक्यूटिव के अनुसार एयरटेल ने एक टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर के रूप में देश को एक नया इनोवेशन दिया है. हमारा नेटवर्क पूरी तरह से 5G तैयार है और कुछ महीनों में 5G एक्सपीरियंस करने के लिए किसी भी स्पेक्ट्रम बैंड का उपयोग कर सकता है.

बता दें डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलेकम्युनिकशन्स (DoT) 1 मार्च से 3.92 ट्रिलियन रूपये के प्राइस पर 2,251मेगाहर्ट्ज (MHz) स्पेक्ट्रम की नीलामी करेगा. बिक्री के लिए लगाए गए बैंड 700MHz, 800MHz, 900MHz, 1,800MHz, 2,100MHz, 2,300MHz और 2,500MHz हैं. सरकार ने होने वाले नीलामी में 5G के लिए टेलेकम्युनिकशन्स रेगुलेटर द्वारा बताए गए 3,300-3,600 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम को शामिल नहीं किया है.

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