सराहना: इस रिजोर्ट में 'खाना' करोगे बर्बाद तो देना पड़ेगा प्रति 10 ग्राम 100 रूपये

दुनिया में खाने की बर्बादी की समस्या दिन प्रतिदिन दिन विकराल होती जा रही है. एक अनुमान के मुताबिक हर साल 1.3 अरब टन खाना बर्बाद हो जाता है

दुनिया में खाने की बर्बादी की समस्या दिन प्रतिदिन दिन विकराल होती जा रही है. एक अनुमान के मुताबिक हर साल 1.3 अरब टन खाना बर्बाद हो जाता है.

सिर्फ India में ही नहीं पूरी दुनिया में खाना खेत से लेकर थाली तक हर कदम पर बर्बाद होता है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ India में हर साल 50 करोड़ का अन्न बर्बाद हो जाता है. 

यह हालत तब है जब पृथ्वी पर 82 करोड़ लोगों को भरपेट खाना नसीब नहीं होता है. वैश्विक भूख सूचकांक में India 102वें नंबर पर है. पड़ोसी देशों Pakistan (94वें), Bangladesh (88वें), Nepal (73वें) और Srilanka (66वें) से भी खराब स्थिति.

ऐसे में खाना बचाने के लिए उठाया गया एक छोटा सा कदम भी काफी सराहनीय है. कर्नाटक के कूर्ग की खूबसूरत पहाड़ियों में एक ऐसा ही रिसॉर्ट है, जिसने खाने की बर्बादी को रोकने के लिए एक अनूठा कदम उठाया है.

इबनी स्पा एंड रिसॉर्ट  ने मेहमानों द्वारा खाने की बर्बादी रोकने के लिए अनूठा तरीका अपनाया है. इस रिजॉर्ट ने खाना बर्बाद करने वाले मेहमानों पर 'जुर्माना' लगाने का फैसला किया है. यहां अगर कोई अपनी थाली में खाना छोड़ता है, तो उसे बर्बाद खाने का भुगतान करना पड़ता है. 

प्रति 10 ग्राम बर्बाद खाने के बदले 100 रुपये वसूले जाते हैं. यह पैसा एक NGO को जाता है, इससे अनाथालय के बच्चों के लिए खाने का इंतजाम होता है. यह तरीका इतना कारगर साबित हो रहा है कि खाने की बर्बादी काफी कम हो गई है. इस वजह से रिजॉर्ट में जहां पहले बर्बाद खाने के लिए 14 डस्टबीन रखे जाते थे, अब सिर्फ 1 से ही काम चल जाता है.

अंग्रेजी समाचार पत्र 'द एशियन ऐज' ने रिजॉर्ट के अधिकारियों के हवाले से बताया कि पहले स्टाफ को बर्बाद खाने को कम्पोस्ट करने में ओवरटाइम तक करना पड़ता था. इसलिए हमने पहले परोसे जाने वाले खाने की मात्रा को कम किया. मगर इससे भी बात नहीं बनी क्योंकि मेहमान एक से ज्यादा बार ऑर्डर करने लगे और खाने की बर्बादी की समस्या का समाधान नहीं हुआ.

इसके बाद यह फैसला लिया गया कि जो खाना नहीं खाया जाएगा, उसके पैसे वसूले जाएंगे. प्रक्रिया बहुत ही आसान थी, मेहमानों के खाना खाने के बाद जो खाना थाली में बचेगा, उसका वजन उनके सामने ही किया जाएगा. इसके बाद चेकआउट के समय मेहमानों से प्रति 10 ग्राम खाने के बदले 100 रुपये लिए जाएंगे. यह पैसा सीधे दान पात्र में जाएगा.

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करीब 6 महीने पहले यह फैसला लिया गया, जो कि काफी सफल हो रहा है. अच्छी बात यह है कि मेहमान भी इस फैसले की आलोचना करने के बजाय तारीफ कर रहे हैं. 

बता दें खाने की बर्बादी को रोकने के लिए रिजॉर्ट के इस फैसले की काफी तारीफ हो रही है. देश के प्रमुख उद्योगपति हर्ष गोयंका ने भी ट्वीट कर इसकी सराहना की है.

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